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स्मृतिभ्रंश या मेमोरी लॉस व्यक्ति की रोजमर्रा की चीजों में दखलअंदाजी करता है। अल्जेमियर और वैस्कुलर डिमेंशिया इन दो तरह के विकारों का डिमेंशिया में अंतर्भाव होता है।  डिमेंशिया के कुल मामलों में से 60 से 80%  मरीज अल्जेमियर के शिकार बनते हैं।  ऐसे कोई टेस्ट नहीं है जिससे स्मृतिभ्रंश को पहचाना जा सके।  परंतु, स्मृतिभ्रंश  के लक्षणों को जरूर पाया जा सकता है।  वृद्धावस्था में स्मृतिभ्रंश के निम्नलिखित लक्षण देखे जा सकते हैं:

  1. छोटी छोटी बातें भूल जाना:  दोपहर में खाने में क्या था,  कमरे में जाने की वजह क्या थी,  घर पर क्या छोड़ा इस प्रकार की छोटी-छोटी चीजें भी स्मृतिभ्रंश के मरीज भूल जाते हैं।
  2. सही शब्द न ढूंढ पाना:  वक्त पर सही शब्द ना ढूंढ पाने पर स्मृतिभ्रंश  के मरीज छोटी सी बात बताने के लिए भी बहुत समय लेते हैं।
  3. बदलता हुआ मूड: बदलता हुआ मूड स्मृतिभ्रंश  के मरीजों में अक्सर पाया जाता है।  कभी-कभी उनको परिवार के सदस्यों से बात करने का मन नहीं करता तो कभी कभी वे अनजान लोगों से घंटों बातें कर सकते हैं।
  4. उदासीनता:  उनकाअपनों से, करुणाजनक परिस्थिति से अलगाव हो जाता है।  जो चीजें वो पहले खुशी से करते थे उन्ही चीजों में उनका दिल नहीं लगता। वह बाहर जाने से अच्छा घर में रहना पसंद करते हैं।
  5. छोटी छोटी चीजें करने में दिक्कत:  स्मृतिभ्रंश के मरीज कोई भी जटिल काम करना पसंद नहीं करते।  जैसे कि कोई जटिल खेल मैं बहुत सारे नियम है उन्हें खेलने में कठिनाई महसूस होती है।  कुछ वक्त गुजारने के बाद उन्हें नहाने जैसी आसान क्रिया में भी किसी के मदद की जरुरत होती है।
  6. असमंजस में पड़ जाना: स्मृतिभ्रंश से पीड़ित व्यक्ति अन्य व्यक्तियों के नाम या चेहरे या दोनों याद नहीं कर पाता।  वह यह भी भूल जाते हैं कि कल या हाल ही में वे किस से मिले थे।
  7. बातों का क्रम न समझ पाना: जो व्यक्ति स्मृतिभ्रंश  का शिकार है,  वह जल्दी से दूसरों की बातों को समझ नहीं पाता।  इसके अलावा उसे टीवी पर चल रहे कार्यक्रम और बात तो या सूचनाओं के क्रम को समझने में तकलीफ होती है।
  8. दिशाएं समझ पाना: स्मृतिभ्रंश से पीड़ित व्यक्ति अक्सर रास्ता भटक जाते हैं। वह रोज जिस गली से गुजरते हैं  वह गली तक वे भूल सकते हैं।
  9. किसी चीज को दोहराना:  ऐसे व्यक्ति बार-बार एक ही चीज को दोहरा सकते हैं क्योंकि उनको याद नहीं रहता कि उन्होंने यह पहले भी किया है। जैसे कि बार-बार ब्रश करना, कोई सवाल बार बार पूछना।
  10. नया सीखने में परेशानी: स्मृतिभ्रंश के मरीज नियमित रूप से वही काम करना पसंद करते हैं।  उनके रोजाना कामकाज में कोई बदलाव उन्हें पसंद नहीं आता।

आपके परिवार के कोई बुजुर्ग सदस्य में अगर इन 10 लक्षणों में से कोई भी 2 लक्षण  पाए गए तो आप जल्द ही एक न्यूरोलॉजिस्ट की सलाह लें।  सही जांच और चिकित्सा कर स्मृतिभ्रंश पर उपचार करना संभव है|

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