fbpx
होम देखभाल करने वालों के लिए गाइड

देखभाल करने वालों के लिए गाइड

पीटीएसडी क्या है?  पीटीएसडी (PTSD) या पोस्ट ट्रोमैटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (Post Traumatic Stress Disorder) यह एक मानसिक विकार है जिसमें अतीत में हुए आघात की वजह से व्यक्ति लम्बे समय के लिए या जीवनभर के लिए सदमे में चला जाता...
क्या है हैल्युसिनेशन (Hallucination)?  मोहमाया, मनोभ्रम, भ्रांति, वहम, हैल्युसिनेशन, डिल्यूजन आदि शब्द हम मज़ाक में इस्तेमाल करते रहते हैं। पर अगर सचमुच हमें ऐसी चीज़ें दिखने लगें जो वास्तविकता में ना हो तो? जी हाँ, ये भी संभव है।...
डिल्यूजन या भ्रम क्या है? भ्रम (Delusion) एक ऐसा मानसिक विकार है जिसमें व्यक्ति काल्पनिक और वास्तविक बातों के बीच जो अंतर होता है उसे समझ नहीं पाता| भारत में ३५-४० प्रतिशत लोगों को भ्रम होता है| कई मानसिक रोगों...
डिमेंशिया (dementia) या स्मृतिभ्रंश मस्तिष्क का एक ऐसा विकार है जिसमें व्यक्ति अपने अतीत को, अपने वर्तमान को यहां तक की रोज़ाना की जानेवाली गतिविधियों को भी भूल जाता है| जाहिर सी बात है, ऐसा व्यक्ति अपने करीबी रिश्तेदार,...
स्मृतिभ्रंश या मेमोरी लॉस व्यक्ति की रोजमर्रा की चीजों में दखलअंदाजी करता है। अल्जेमियर और वैस्कुलर डिमेंशिया इन दो तरह के विकारों का डिमेंशिया में अंतर्भाव होता है।  डिमेंशिया के कुल मामलों में से 60 से 80%  मरीज अल्जेमियर के शिकार...
उनसे रोज बातें करें: अगर आप अपने माता पिता से दूर रह रहे हैं और आपको यह लगता है कि वे अवसाद या डिप्रेशन का सामना कर रहे हैं तो बेहतर है आप उनसे फोन पर रोज बात करें। अक्सर...
बढ़ती उम्र के साथ साथ कई बातें बदल जाती हैं| कुटुंब के सदस्य आपको समय नहीं दे पाते या फिर जीवनसाथी गुजर जाता हैं| इन परिस्थितियों में किसी भी बात में दिल नहीं लगता और बेबसी महसूस होती है|...
कोई भी काम अनावश्यक है फिर भी उसे दोहराने की आपको इच्छा हो रही है तो उसे ऑब्सेसिव कम्पल्शन डिसॉर्डर (ओसीडी) कहा जाता है|  यह मानसिक अवस्था इसलिए निर्माण होती है क्योंकि शरीर में मस्तिष्क की कोशिकाओं में सेरोटोनिन की मात्रा कम पड़ती...
मोटापे पर किए गए एक सर्वेक्षण के मुताबिक, इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले भारतीय नागरीकों में से ४९% नागरीक मोटापे का शिकार बन चुके हैं| इससे हम ये अंदाजा लगा सकते हैं कि, भारत में मोटापा कितनी गंभीर समस्या बन चुकी है| बढ़ती उम्र में मोटापा...
अक्सर ७० साल की उम्र के बाद ५० प्रतिशत बुजुर्गों को स्वास्थ्य की समस्याओं का सामना करना पड़ता है|सामान्य रूप से कमर और घुटने, हृदय, मोतियाबिंद, टूटी हुयी हड्डी इनके लिए शल्य-चिकित्सा की आवश्यकता होती है| सर्जरी के लिए सही अस्पताल और...

HOT STORIES