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मस्तिष्क से जुड़े विकारों में मानसिक स्वास्थ्य भी एक महत्वपूर्ण पहलु है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता| सन २००० में किए गए एक सर्वेक्षण के अनुसार ४३.३२ भारतीय वरिष्ठ नागरीक मानसिक रूप से बीमार हैं| मानसिक स्वास्थ्य को बरकरार रखने के लिए मेडिटेशन करना अत्यंत आवश्यक है|

भारत में मेडिटेशन (meditation) या ध्यान (dhyana) की शुरुआत करनेवाले महर्षि पतंजलि के अनुसार ध्यान का मतलब है ‘अपने मस्तिष्क के विचारों पर नियंत्रण पाना’| भागदौड़, तनाव, अतीत की बुरी यादें, भविष्य की चिंता, आर्थिक समस्या, रिश्तों में दरार आदि कि वजह से हमारा मस्तिष्क हमेशा कुछ न कुछ सोच में व्यस्त रहता है और उसका असर हमारे पूरे शरीर के कार्यों पर होता है| मस्तिष्क को शांति का अनुभव देने से अच्छी नींद मिलती है और मन भी तरोताज़ा हो जाता है| परन्तु ध्यान करना और अपने मस्तिष्क को विचारशून्य रखना इतना आसान नहीं है| अगर आपने १ मिनट के लिए अपनी आँखे बंद की तो आप ये अनुभव कर सकते हैं कि कुछ न कुछ विचार आपके मस्तिष्क में शुरू है जिन्हे रोकना अत्यंत कठिन है| इन विचारों पर रोक लगाकर मेडिटेशन कैसे किया जाए?

आइये देखते हैं, वरिष्ठजनों को कैसे करना चाहिए मेडिटेशन:

  • आराम से चटाई या कुर्सी पर  बैठें या लेटें|
  • अपनी आंखे बंद करें|
  • मध्यम गति से सांसे लें|
  • सांस लेने पर आपके शरीर के अवयवों की गति कैसे बदलती है इस पर ध्यान केंद्रित करें| आपकी छाती, कंधे, पेट आदि पर ध्यान दें| इस बीच अगर आपका ध्यान भटकें तो अपने शरीर और सांसों पर आप दुबारा ध्यान केंद्रित करें|
  • शुरुआती दौर में दो-तीन मिनट मेडिटेशन करें और फिर इसका समय बढ़ाते हुए बीस मिनट तक कर सकते हैं|

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हो सकता है कि आप अपने विचारों पर काबू न पा सके| इसलिए कुछ प्रकारों के जरिए ध्यान किया जाता है| आइये देखते हैं किस प्रकार से मेडिटेशन किया जा सकता है:

  1. कॉन्सनट्रेशन (concentration)मेडिटेशन:

इसमें एक बिंदु को देखते हुए उस बिंदु पर ध्यान केंद्रित कर मन को एकाग्र किया जाता है| इसमें बिंदु की जगह कोई वस्तु या ज्योति को देखकर किसी मन्त्र को बोलते हुए एकाग्रता बढाई जा सकती है| मेडिटेशन सीखने वालों के लिए यह बहुत ही आसान तरीका है| अगर इस बीच आपको लगे कि आपका ध्यान भटक रहा है, तो आप निराश न होते हुए वापस उस वस्तु, बिंदु या ज्योति पर दे आएं|

  1. माइंडफुलनेस (mindfulness) मेडिटेशन:

इस तरह के मेडिटेशन में स्वयं के दिमाग में चलनेवाले विचारों पर गौर किया जाता है| ज्यादातर लोगों को लगता है कि उनके दिमाग में नकारात्मक बातें चलती रहती है जैसे कि, किसी के बारे में नफरत, गुस्सा, अपराध की भावना| ऐसी भावनाओं को मन से दूर करने के लिए अपने मन को सकारात्मक दृष्टिकोण देने की अत्यंत आवश्यकता होती है| माइंडफुलनेस मेडिटेशन करने के लिए यूट्यूब पे सकारात्मक विचारों (affirmations) के कई वीडियोज उपलब्ध हैं| इससे आपकी सोच और किसी घटना की और देखने का आपका नजरिया बदल जाएगा और आप ख़ुशी से जीवन बिताने के लिए सक्षम बन पाएंगे|

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